रिश्तों में सबसे ज्यादा तकलीफ तब होती है, जब कोई अपना सामने कुछ और और पीठ पीछे कुछ और हो। ऐसे दोगले लोग मीठी बातें करके भरोसा जीत लेते हैं, लेकिन मौका मिलते ही आपकी गैरमौजूदगी में आपकी बुराई करने लगते हैं। इन लोगों की पहचान करना आसान नहीं होता, क्योंकि इनका व्यवहार समय और परिस्थिति के हिसाब से बदलता रहता है।
अगर आप भी ऐसे लोगों के दोहरे व्यवहार से परेशान हैं और अपनी भावनाओं को शायरी के जरिए व्यक्त करना चाहते हैं, तो यहां पीठ पीछे दोगले लोग शायरी का शानदार संग्रह दिया गया है। इन शायरियों को आप WhatsApp Status, Instagram Caption और Facebook पर भी शेयर कर सकते हैं।
पीठ पीछे दोगले लोग शायरी

जो सामने तारीफ और पीछे बुराई करते हैं,
वही लोग अक्सर रिश्तों में गद्दारी करते हैं।
हमने तो हर रिश्ते को दिल से निभाया था,
कुछ लोगों ने मगर चेहरा बदलकर दिखाया था।

पीठ पीछे बोलने वालों से क्या शिकायत करें,
जिन्हें सामने बोलने की हिम्मत नहीं होती।
दोगले लोगों की एक खास निशानी है,
सामने मिठास और पीछे जुबानी कहानी है।

रिश्ते वही अच्छे होते हैं जिनमें सच्चाई हो,
वरना मीठी बातों में भी गहरी चालाकी होती है।
कुछ लोग सामने अपने बनते हैं,
और पीठ पीछे गैरों से भी ज्यादा बातें करते हैं।

चेहरा देखकर भरोसा मत किया करो,
कुछ चेहरे मुस्कुराते हैं सिर्फ धोखा देने के लिए।
पीठ पीछे मेरी बातें करने वालों,
सामने आकर बोलने की हिम्मत भी रखा करो।
Dogle Log Shayari 2 Line
सामने मीठे बोल, पीछे जहर रखते हैं,
कुछ लोग दिल में अलग ही शहर रखते हैं।
दोगले लोगों से अब रिश्ता कम रखते हैं,
जो जैसा है उसे वैसा ही हम समझते हैं।

सामने दोस्ती, पीछे दुश्मनी निभाते हैं,
कुछ लोग रिश्तों को भी खूब आजमाते हैं।
पीठ पीछे बोलना जिनकी आदत बन गई,
उनसे दूरी रखना ही हमारी इबादत बन गई।
चेहरे पर प्यार और दिल में हिसाब रखते हैं,
कुछ लोग रिश्तों में भी नकाब रखते हैं।
जो सामने कुछ और, पीछे कुछ और होते हैं,
ऐसे लोग रिश्तों के सबसे कमजोर दौर होते हैं।
दोगले लोगों की बातों पर अब यकीन नहीं,
जो सामने नहीं बोलते, उनकी कोई जमीन नहीं।
पीठ पीछे बुराई करने वालों से डरते नहीं,
हम सच के साथ हैं इसलिए झुकते नहीं।
कुछ लोगों की जुबान बड़ी कमाल होती है,
सामने मिठास और पीछे चाल होती है।
दोगले चेहरे पहचानना सीख लिया हमने,
अब हर मुस्कान को अपना नहीं मानते।
Matlabi दोगले लोग शायरी
मतलबी लोग भी बड़े कमाल के होते हैं,
काम हो तो अपने, वरना सवाल के होते हैं।
जरूरत पड़ी तो अपना बना लिया,
काम निकलते ही रिश्ता भुला दिया।
मतलबी रिश्तों की पहचान हो गई,
जिसे अपना समझा वही अनजान हो गई।
काम के समय सबको अपना कहते हैं,
काम निकलते ही पहचानने से डरते हैं।
मतलब के रिश्ते ज्यादा दूर नहीं चलते,
सच्चे लोग हर मौसम में साथ नहीं बदलते।
जिसे जरूरत होती है वही याद करता है,
मतलबी इंसान बस अपना फायदा देखता है।
रिश्ते दिल से निभाने वाले कम मिले,
मतलब से जुड़ने वाले हर कदम पर मिले।
अब हर किसी को अपना नहीं समझते,
मतलबी लोगों से दिल का रिश्ता नहीं रखते।
मतलब की दोस्ती ज्यादा दिन नहीं चलती,
सच्चाई के बिना कोई कहानी नहीं बनती।
मतलबी लोगों ने एक बात सिखा दी,
हर मुस्कान के पीछे सच्चाई नहीं होती।
Dogla Shayari Attitude
हमारी खामोशी को कमजोरी मत समझना,
दोगले लोगों को नजरअंदाज करना भी जानते हैं।
पीठ पीछे बोलने वालों की परवाह नहीं,
हमारी जिंदगी में उनकी कोई जगह नहीं।
जो सामने आने से डरते हैं,
वही अक्सर पीछे से बातें करते हैं।
हमसे जलने वालों की कमी नहीं,
मगर हमें फर्क पड़े इतनी भी उनकी औकात नहीं।
दोगले लोगों से दूरी ही हमारी पहचान है,
सच्चे लोगों के साथ रहना ही हमारा अरमान है।
पीठ पीछे बातें करने वालों को बोलने दो,
हम अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहेंगे।
चेहरे बदलने वालों से अब डर नहीं लगता,
क्योंकि असली चेहरे पहचानना सीख गए हैं।
हम किसी के पीछे नहीं चलते,
और पीठ पीछे बोलने वालों को गिनते भी नहीं।
जिसे सामने बोलने की हिम्मत नहीं,
उसकी बातों की हमें जरूरत नहीं।
दोगले लोग चाहे जितनी चाल चलें,
हम अपनी सच्चाई से कभी नहीं बदलेंगे।
पीठ पीछे बुराई करने वालों के लिए शायरी
पीठ पीछे बुराई करने वालों का भी जवाब देंगे,
मगर अपने अंदाज में, हिसाब नहीं देंगे।
तुम्हारी बातें हम तक भी पहुंच जाती हैं,
बस हम जवाब देकर रिश्ते नहीं गिराते।
पीठ पीछे बोलने वालों से एक बात कहना है,
सामने आओ तो पता चले कौन कितना सच्चा है।
हमारी बुराई करके खुद को बड़ा मत समझना,
ऊंचाई आवाज से नहीं, किरदार से मिलती है।
जो हमारी गैरमौजूदगी में कहानी बनाते हैं,
वही सामने आते ही मुस्कुराते हैं।
पीठ पीछे बातें करना आसान है,
सामने सच बोलना हर किसी के बस की बात नहीं।
हमारे बारे में जितना बोलना है बोल लो,
हम अपने काम से जवाब देना जानते हैं।
दूसरों की बुराई में जो दिन बिताते हैं,
वो अपनी जिंदगी जीना भूल जाते हैं।
पीठ पीछे बोलने वालों की आदत नहीं बदलती,
लेकिन हम ऐसे लोगों से दूरी जरूर बना लेते हैं।
किरदार साफ हो तो डर कैसा,
लोग चाहे जो कहें, फर्क कैसा।
दोगले दोस्तों पर शायरी
दोस्ती के नाम पर धोखा देने वाले बहुत मिले,
सच्चे दोस्त मगर जिंदगी में बहुत कम मिले।
सामने दोस्त और पीछे शिकायत करते हैं,
कुछ लोग दोस्ती भी बड़ी अजीब करते हैं।
दोस्ती चेहरे से नहीं, व्यवहार से पहचानी जाती है,
दोगले लोगों की सच्चाई वक्त के साथ सामने आती है।
जो दोस्त मेरी गैरमौजूदगी में मेरा मान रखे,
असल दोस्त वही है जो हर हाल में साथ रखे।
दोगले दोस्त से अकेलापन बेहतर है,
कम से कम दिल को झूठा भरोसा तो नहीं रहता।
निष्कर्ष
पीठ पीछे दोगले लोग शायरी उन भावनाओं को शब्द देने का एक तरीका है, जिन्हें हम अक्सर किसी के सामने कह नहीं पाते। सामने कुछ और और पीछे कुछ और व्यवहार करने वाले लोगों से परेशान होने के बजाय उनके व्यवहार को समझना और जरूरत पड़ने पर उनसे दूरी बनाना बेहतर है।
उम्मीद है कि आपको यहां दी गई Dogle Log Shayari 2 Line, Matlabi दोगले लोग शायरी और Dogla Shayari Attitude पसंद आई होगी। आप अपनी पसंद की शायरी को WhatsApp Status, Instagram Caption या सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में शेयर कर सकते हैं।